छोटी शुरुआत को तुच्छ न समझें

क्योंकि किस ने छोटी बातों के दिन तुच्छ जाना है? (जकर्याह 4:10) एक मसीही के रूप में आपको यह सीखना चाहिए कि जहाँ आप आज हैं, उसे कभी छोटा न समझें। परमेश्वर अक्सर अपने सबसे बड़े काम ऐसी शुरुआत से करता है जो लोगों को छोटी, छिपी हुई या साधारण दिखाई देती है। एक बीज […]
अपनी क्षमता बढ़ाएँ

जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना… जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। (1 कुरिन्थियों 2:9) परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि आपका जीवन छोटा, सीमित या रुका हुआ रहे। उसने आपके लिए और भी बड़ी चीज़ें तैयार की हैं—अधिक बुद्धिमत्ता, अधिक प्रभाव, अधिक समझ और […]
नवीकृत सामर्थ

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे…” (यशायाह 40:31) नवीकरण का अर्थ है पुनर्जीवित — यानि फिर से जीवित होना। परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि आप कमज़ोर, खाली या थके हुए रहें। जब आप प्रभु की बाट जोहते हैं, तब एक दिव्य एक्सचेंज […]
प्रभु यीशु आपकी हर आवश्यकता से बढ़कर है

क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे(कुलुस्सियों 1:19)। प्रभु यीशु आपके लिए पर्याप्त से भी बढ़कर है—आपकी हर आवश्यकता से कही अधिक। आपका अतीत, आपकी गलतियाँ या आपकी वर्तमान परिस्थितियाँ उसे सीमित नही करती। आपकी आवश्यकताएँ उसे परिभाषित नहीं करतीं; उसकी संपूर्णता आपके जीवन को परिभाषित करती है। […]
प्रभु यीशु – आपका वकील, आपका न्यायी

हे मेरे बालकों, मैं ये बातें तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम पाप न करो; और यदि कोई पाप करे, तो पिता के पास हमारा एक सहायक है, अर्थात सत्यनिष्ठ यीशु मसीह (1 यूहन्ना 2:1)। प्रभु यीशु केवल आपका प्रभु ही नही है—वह आपके लिए खड़ा होता है। वह आपका वकील है, आपका प्रतिनिधित्व करता […]
परमेश्वर की सुंदरता देखें

और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं। (यशायाह 61:3) कभी-कभी परिस्थितियाँ हमें यह विश्वास दिलाने की कोशिश करती हैं कि परमेश्वर दूर हैं या अनुपस्थित हैं। जब चुनौतियाँ सामने आती हैं, तो लोग उसकी उपस्थिति पर प्रश्न करने लगते हैं। लेकिन परमेश्वर आपके जीवन […]
परमेश्वर के अनुग्रह का मूल्य समझें!

और हम जो उसके सहकर्मी हैं यह भी समझाते हैं, कि परमेश्वर का अनुग्रह जो तुम पर हुआ, व्यर्थ न रहने दो। (2 कुरिन्थियों 6:1) अनुग्रह परमेश्वर का आपके प्रति अकारण पक्ष है। अनुग्रह परमेश्वर की अलौकिक क्षमता है जो आप में और आपके माध्यम से कार्य करती है। लेकिन अनुग्रह को कभी भी हल्के […]
प्रेरित पौलुस के जीवन से सबक
मैं तो पहिले निन्दा करने वाला और सताने वाला और अन्धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ। (1 तीमुथियुस 1: […]