आत्मा में खुद को मजबूत बनाएँ

जो स्वर्गीय भाषा में बातें करता है, वह अपनी ही उन्नति करता है… (1 कुरिन्थियों 14:4) परमेश्वर ने हर विश्वासी को जो सबसे महान वरदान दिए हैं, उनमें से एक है आत्मिक रूप से खुद को मज़बूत बनाने की सामर्थ। बाइबल बताती है कि जब हम स्वर्गीय भाषा में प्रार्थना करते हैं, तब हम अपनी […]
अपने जीवन में भविष्य निश्चय वाणी करें!

उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उण्डेलूंगा; तुम्हारे बेटे-बेटियां भविष्यद्वाणी करेंगी…(योएल 2:28) परमेश्वर ने हमें भविष्य निश्चय वाणी का वरदान दिया है। यद्यपि इसके कुछ पहलू भविष्यवक्ता के द्वारा कार्य करते हैं, परन्तु प्रत्येक विश्वासीयों को परमेश्वर के वचन को हियाब से बोलने और अपने जीवनों पर उसके वायदों को घोषित […]
विश्लेषण करें और उसकी इच्छा के अनुसार खुद को संरेखित करें!

छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा और सब से दुर्बल एक सामर्थी जाति बन जाएगा। मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा। (यशायाह 60:22) हम एक बार फिर ऐसे समय में हैं जब हम पीछे मुड़कर प्रभु की विश्वसनीयता और भलाई के लिए उसका धन्यवाद कर सकते हैं। […]
महानता धन्यवाद के द्वारा पायी जाती है

और पिता का धन्यवाद करो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि हम ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में सहभागी हों। (कुलुस्सियों 1:12) धन्यवाद देना आशीष का प्रवेश द्वार है, और परमेश्वर की संतान होने के नाते, आपके लिए अपने जीवन के हर कदम पर आभारी होना अनिवार्य है। कृतज्ञ हृदय के बिना […]
एक ऐसा जीवन जो धन्यवाद से भरा हुआ हो

और उसी में जड़ पकड़ते और बढ़ते जाओ; और जैसे तुम सिखाए गए वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ, और अत्यन्त धन्यवाद करते रहो। (कुलुस्सियों 2:7) परमेश्वर का वचन हमें स्पष्ट रूप से दिखाता है कि धन्यवाद देना कोई कभी-कभार की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि एक ऐसी जीवन-शैली है जिसे हमें विकसित करना है। […]
यह धन्यवाद का दिन है!

उसके फाटकों से धन्यवाद करते हुए, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो; उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो। (भजन संहिता 100:4) कल हमारी मिनिस्ट्री में, हम वर्ष के महिमामय प्रथम भाग के पूरा होने के लिए परमेश्वर का आदर और धन्यवाद करेंगे। जैसा कि हम इस अर्ध-वार्षिक धन्यवाद सेवा […]
ऐसा जीवन विकसित करें जो फल लाए

इसी से मेरे पिता की महिमा होती है कि तुम बहुत फल लाओ; तब तुम मेरे चेले ठहरोगे।(यूहन्ना 15:8) पिछले दिनों में हमने विश्वासी के जीवन के उन विभिन्न क्षेत्रों के बारे में सीखा है जिन्हें विकसित करना आवश्यक है। हमने वचन को विकसित करना, विश्वास को विकसित करना, सत्यनिष्ठता की भूख को विकसित करना, […]
सीखने वाली आत्मा विकसित करें

जो शिक्षा को सुनी-अनसुनी करता, वह अपने प्राण को तुच्छ जानता है, परन्तु जो डांट को सुनता, वह बुद्धि प्राप्त करता है।(नीतिवचन 15:32) आत्मिक रूप से आगे बढ़ने के सबसे तेज़ तरीकों में से एक है हमेशा सीखने के लिए तैयार रहना। परमेश्वर अक्सर अपने वचन, अपनी पवित्र आत्मा और परमेश्वर के लीडर्स के द्वारा […]
प्रभु के आनंद को विकसित करें

क्योंकि यहोवा का आनंद तुम्हारा दृढ़ गढ़ है। (नहेमायाह 8:10) क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जब आपका हृदय आनंद से भरा होता है, तब जीवन कितना आसान लगता है? चुनौतियाँ तब भी होती हैं, जिम्मेदारियाँ तब भी बनी रहती हैं, लेकिन फिर भी आपके अंदर आगे बढ़ते रहने की शक्ति होती है। इसका […]
विश्वास को विकसित करें

सो विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन से होता है। (रोमियों 10:17) परमेश्वर की हर संतान को विश्वास दिया गया है। बाइबल सिखाती है कि परमेश्वर ने हर विश्वासी को विश्वास का एक माप दिया है। इसका अर्थ है कि कोई भी मसीही अपनी आत्मिक यात्रा खाली हाथ शुरू नहीं करता। हालाँकि, विश्वास […]