इंतज़ार न करें—यह पहले से ही आपके पास है

एलीशा ने कहा, यहोवा का वचन सुनो… (2 राजा 7:1) जीवन में ऐसे समय आते हैं जब परमेश्वर का इंतज़ार करना आवश्यक होता है, लेकिन ऐसे समय भी आते हैं जब परमेश्वर हमारा इंतज़ार कर रहा होता है। एलीशा का यह वृत्तांत हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के सेवकों को सिर्फ कठिन परिस्थितियों को […]
दृढ़ता से कमी को ‘ना’ कहें

यहोवा मेरा चरवाहा है; मुझे किसी वस्तु की घटी न होगी। (भजन संहिता 23:1) मसीह में कमी आपके जीवन का भाग नहीं है, और इसे कभी भी सामान्य मानकर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। परमेश्वर ने आपको मसीह में स्थापित करके पहले ही प्रचुरता में स्थापित कर दिया है, जहाँ से हर प्रावधान स्वतंत्र रूप […]
प्रकटीकरण के अनुसार जीवन जिएं, धारणा के अनुसार नहीं

परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। परन्तु परमेश्वर ने उन को अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब […]
उसकी सामर्थ वास्तविक है, वहम नहीं
मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं, जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है। कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्य में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ (इफिसियों 3:14-16)। हमारे मुख्य वर्स […]
विश्वास का आपका दृष्टिकोण
परन्तु विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है। (इब्रानियों 11:6) एक मसीह के रूप में आपको विश्वास के जीवन में बुलाया गया है। प्रभु यीशु ने अपनी शिक्षाओं और दृष्टांतों के माध्यम से विश्वास को एक […]