प्रमोशन का रास्ता

क्योंकि बढ़ती न तो पूरब से न पच्छिम से, और न ही दक्षिण से। परन्तु परमेश्वर ही न्यायी है, वह एक को घटाता और दूसरे को बढ़ाता है। (भजन संहिता 75:6–7) सच्ची सफलता क्या है? यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है—यह तब होती है जब आपका जीवन दूसरों पर प्रभाव डालने लगता है और परमेश्वर […]
आत्मिक रूप से सक्रिय रहें

सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। (1 पतरस 5:8) आलस हमेशा स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। कई बार यह आत्मिक निष्क्रियता के रूप में प्रकट होता है—प्रार्थना में, वचन बोलने में, या परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देने […]
विवेचन क्षमता के लिए प्रार्थना करें

पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं। (इब्रानियों 5:14) आत्मिक परिपक्वता का एक स्पष्ट चिन्ह है विवेचन क्षमता—यह पहचानने और भेद करने की क्षमता कि क्या वास्तव में परमेश्वर की ओर से है और क्या नहीं। जैसे-जैसे आप मसीह […]
प्रार्थना के दिन का पूरा लाभ उठाएँ

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। (इब्रानियों 4:16) हर महीने हमारी मिनिस्ट्री में एक विशेष प्रार्थना का दिन होता है, जब हम केवल प्रार्थना करने के लिए एक साथ एकत्रित होते हैं। आज हमारी […]
शत्रु के विरुद्ध परमेश्वर आपके साथ है

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा (रोमियों 5:8)। शैतान की एक सामान्य रणनीति यह है कि वह आपके विश्वास पर हमला करता है और आपको आपके पिछले गलतियों की याद दिलाता है। वह आपको यह विश्वास […]
अपना समय को शत्रु को मत दें

हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं (भजन संहिता 90:12)। हर एक विश्वास करने वाले को एक महत्वपूर्ण अनुशासन विकसित करना चाहिए—और वह है समय का बुद्धिमानी से प्रबंधन करना। समय की अद्भुत बात यह है कि हर किसी को समान मात्रा में समय मिलता है—न किसी के पास […]
शैतान के तर्कों का परमेश्वर के वचन से सामना करें

यीशु ने उस से कहा; यह भी लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न कर(मत्ती 4:7)। प्रभु यीशु का जीवन हमें स्पष्ट रूप से दिखाता है कि शैतान का सामना कैसे किया जाना चाहिए। जब जंगल में शैतान ने उसकी परीक्षा ली, तो उसने उसे ऐसे काम करने के लिए उकसाने की […]
आपके लिए कोई रुकावट नहीं!

क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं (2 कुरिन्थियों 10:4)। परमेश्वर ने आपको मसीह यीशु में एक महिमामय जीवन दिया है। आप केवल वह नहीं हैं जिसने उसमे विश्वास करने का निर्णय लिया है—आप उसकी आत्मा से जन्मे हैं। अब आप जो जीवन […]
पहचानें और डाँटे

कि शैतान का हम पर दांव न चले, क्योंकि हम उस की युक्तियों से अनजान नहीं (2 कुरिन्थियों 2:11)। शैतान जिस तरीकों से विनाश लाने की कोशिश करता है, उनमें से एक तरीका यह है कि वह ऐसे विचार और सोच लाता है जो आपको ऐसा लगता है मानो वे आपके अपने ही हों। बहुत […]
दुश्मन से निपटें

इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा (याकूब 4:7)। हम ऐसे संसार में रहते हैं जहाँ आत्मिक वास्तविकताएँ लगातार कार्य करती रहती हैं। जहाँ परमेश्वर ने अपने लोगों की सहायता करने के लिए अपने स्वर्गदूतों को नियुक्त किया है, वहीं ऐसी दुष्ट आत्मिक शक्तियाँ […]