सीखने वाली आत्मा विकसित करें

जो शिक्षा को सुनी-अनसुनी करता, वह अपने प्राण को तुच्छ जानता है, परन्तु जो डांट को सुनता, वह बुद्धि प्राप्त करता है।(नीतिवचन 15:32) आत्मिक रूप से आगे बढ़ने के सबसे तेज़ तरीकों में से एक है हमेशा सीखने के लिए तैयार रहना। परमेश्वर अक्सर अपने वचन, अपनी पवित्र आत्मा और परमेश्वर के लीडर्स के द्वारा […]
निष्ठा और आदर को विकसित करें

और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो। (1 थिस्सलुनीकियों 5:13) मसीही जीवन के सबसे अधिक अनदेखे किए जाने वाले सिद्धांतों में से एक है निष्ठा और आदर का सिद्धांत। परमेश्वर हमारे जीवन में ऐसे लोगों को रखता है जो हमें सिखाते हैं, मार्गदर्शन देते हैं […]
परमेश्वर की योजना का अनुसरण करें

यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनाने वालों को परिश्रम व्यर्थ होगा…” (भजन संहिता 127:1) उद्देश्य होना महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल उद्देश्य होना ही पर्याप्त नहीं है—आपको परमेश्वर की योजना का अनुसरण भी करना चाहिए। यह संभव है कि कोई यह जानता हो कि परमेश्वर ने उसे बुलाया है, फिर भी बेसब्री, अपनी […]
परमेश्वर ने जो कहा, उस पर केंद्रित रहें

इसलिये तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार करने में चौकसी करना; न तो दाहिने मुड़ना और न बांए। (व्यवस्थाविवरण 5:32) राज्य में सफलता की सबसे शक्तिशाली चाबीयों में से एक बहुत सरल है—परमेश्वर ने जो कहा है, उसी पर बने रहें। बहुत से लोग अच्छी शुरुआत करते हैं, लेकिन ध्यान भटकाने वाली बातें […]
दानिय्येल के जीवन से सबक
मैं यह आज्ञा देता हूं कि जहां जहां मेरे राज्य का अधिकार है, वहां के लोग दानिय्येल के परमेश्वर के सम्मुख कांपते और थरथराते रहें, क्योंकि जीवता और युगानयुग तक रहने वाला परमेश्वर वही है; उसका राज्य अविनाशी और उसकी प्रभुता सदा स्थिर रहेगी।(दानिय्येल 6:26) दानिय्येल यहूदा के उन चार बच्चों में से एक था […]