पवित्र आत्मा की आवाज़ को पहचानना सीखना

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं (यूहन्ना 10:27)।। परमेश्वर के हर संतान में पवित्र आत्मा की आवाज़ सुनने की क्षमता है। जिस क्षण आपका नया जन्म हुआ, आपकी आत्मा उसके साथ सिद्ध संगति में रहने के लिए पुनर्निर्मित हो गई। सफलता का रहस्य […]
पवित्र आत्मा के नेतृत्व में बने रहें

परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा (यूहन्ना 16:13)। नई सृष्टि का सबसे बड़ा सौभाग्य पवित्र आत्मा के द्वारा नेतृत्व पाना है। परमेश्वर की आत्मा का प्रभाव कहीं दूर नहीं है – वह जीवन के हर क्षेत्र में आपका मार्गदर्शन करने, सिखाने और आपको निर्देशित करने के […]
धन्यवाद देने की सामर्थ

हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है(1 थिस्सलुनीकियों 5:18)। धन्यवाद देना परमेश्वर के राज्य में सबसे शक्तिशाली सिद्धांतों में से एक है। यह केवल विनम्रता का कार्य नहीं है – यह एक आत्मिक नियम है जो आपकी विजय को कायम रखता है और आपके परिणामों को […]
परमेश्वर के साथ बड़ा सोचना

अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है (इफिसियों 3:20)। आपके जीवन की सबसे महान खोजों में से एक यह होगी कि परमेश्वर आपकी कल्पना से भी बड़ा है। वह आपके बैकग्राउंड, संसाधनों या वातावरण तक […]
अधिक के लिए ख्वाहिश रखिये!

तब यहोशू ने इस्राएलियों से कहा, जो देश तुम्हारे पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने तुम्हें दिया है, उसे अपने अधिकार में कर लेने में तुम कब तक ढिलाई करते रहोगे? (यहोशू 18: 3) परमेश्वर की एक संतान के रूप में, आपके लिए हमेशा महिमा का एक उच्च स्तर होता है, हमेशा सफलता का उच्च स्तर […]
परमेश्वर: जो आपको आनंद से भर देता है
परन्तु आत्मा का फल प्रेम, आनंद, मेल, धीरज, नम्रता, भलाई, और विश्वास हैं। (गलातियों 5:22) परमेश्वर से उत्पन्न होने के नाते, हमारे अंदर जो सबसे सुंदर सच्चाइयों में से एक है, वह है आनंद का स्रोत। आनंद कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आप बनाने की कोशिश करते हैं—यह आत्मा का फल है। जब आपने […]
अपने भीतरी मनुष्य को मजबूत बनाये
उसकी आत्मा से अपने भीतरी मनुष्य में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ (इफिसियों 3:16) मनुष्य एक आत्मा है और वह शरीर में रहता है। अपने बारे में, अपने भीतर के मनुष्य के बारे में शिक्षित होना बहुत महत्वपूर्ण है। परमेश्वर ही जीवन का स्रोत है, और जब आदम ने पाप किया, तो वह जीवन से […]
नहेमायाह के जीवन से सबक।
शहरपनाह के बनाने वाले और बोझ के ढोने वाले दोनों भार उठाते थे, अर्थात एक हाथ से काम करते थे और दूसरे हाथ से हथियार पकड़े रहते थे(नहेमायाह 4:17)। नहेमायाह फारस के राजा का पिलानेहार था। जब उसे यरूशलेम की स्थिति, यरूशलेम के लोगों और मंदिर के बारे में पता चला, उसने यरूशलेम की दीवारों […]
विश्वास का आपका दृष्टिकोण
परन्तु विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है। (इब्रानियों 11:6) एक मसीह के रूप में आपको विश्वास के जीवन में बुलाया गया है। प्रभु यीशु ने अपनी शिक्षाओं और दृष्टांतों के माध्यम से विश्वास को एक […]
खुद के प्रति आपका दृष्टिकोण
जो अपना प्राण बचाता है, वह उसे खोएगा; और जो मेरे लिये अपना प्राण खोता है, वह उसे पाएगा। (मत्ती 10:39) हमारा मुख्य वर्स खुद हमारे प्रभु यीशु द्वारा कहा गया कथन है। इसलिए, यह ऐसी चीज है जिसके बारे में किसी को भी अपने जीवन पर विचार करते समय गहराई से सोचना चाहिए। मसीह […]