परमेश्वर की भलाई का उत्सव मनाएं

क्योंकि परमेश्वर का राज्य खाना पीना नहीं; बल्कि सत्यनिष्ठा, शांति और पवित्र आत्मा में आनंद है। (रोमियों 14:17) परमेश्वर के राज्य की एक सुंदर विशेषता आनंद है। परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि मसीही जीवन उदास या आनन्दहीन हो। हालांकि हमारे जीवन में प्रार्थना, उपवास और आत्मिक अनुशासन के समय अवश्य आते हैं, फिर भी […]
परमेश्वर की शांति के एक एम्बेसडर बनें

क्योंकि परमेश्वर का राज्य खाना पीना नहीं; बल्कि सत्यनिष्ठा, शांति और पवित्र आत्मा में आनंद है। (रोमियों 14:17) जब लोग परमेश्वर के बारे में सोचते हैं, तो वे अक्सर उसकी सामर्थ, उसकी पवित्रता या उसकी महानता की कल्पना करते हैं। फिर भी नए नियम में उसके लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले नामों में […]
हर दिन अपने भीतरी मनुष्य को मजबूत बनाए

इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। (2 कुरिन्थियों 4:16) परमेश्वर ने कभी नहीं चाहा कि आपका आत्मिक जीवन साल-दर-साल एक जैसा बना रहे। जिस तरह आपके शरीर को हर दिन खाने की आवश्यकता होती है, उसी तरह […]
परमेश्वर के वचन में आनन्दित रहे

परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है। (भजन संहिता 1:2) सबसे महान आदतों में से एक, जिसे आप अपने जीवन में विकसित कर सकते हैं, होती है परमेश्वर के वचन में आनन्दित रहना। ध्यान दीजिए, हमारे मुख्य वर्स में भजनकार यह नहीं कहता […]
राख पर जीवन मत बिताइए

वह राख खाता है; उसके धोखा खाए हुए मन ने उसे भटका दिया है… (यशायाह 44:20) हर वह बात जो आपके मन को भरती है, वह आपकी आत्मा के लिए लाभदायक नहीं होती। यशायाह एक ऐसे व्यक्ति का वर्णन करते हैं जो राख खाता है—अर्थात वह अपने जीवन को ऐसी बातों से भर रहा है […]
जिस पर विश्वास करते हैं, उसके अनुसार जिएं

मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है… (गलातियों 2:20) परमेश्वर के वचन को जानना अद्भुत है, लेकिन परमेश्वर इससे भी बढ़कर कुछ चाहता है—वह चाहता है कि हम उसे अपने जीवन में लागू करें। ज्ञान को केवल प्राप्त कर लेना और […]
आत्मा में खुद को मजबूत बनाएँ

जो स्वर्गीय भाषा में बातें करता है, वह अपनी ही उन्नति करता है… (1 कुरिन्थियों 14:4) परमेश्वर ने हर विश्वासी को जो सबसे महान वरदान दिए हैं, उनमें से एक है आत्मिक रूप से खुद को मज़बूत बनाने की सामर्थ। बाइबल बताती है कि जब हम स्वर्गीय भाषा में प्रार्थना करते हैं, तब हम अपनी […]
अपने जीवन में भविष्य निश्चय वाणी करें!

उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उण्डेलूंगा; तुम्हारे बेटे-बेटियां भविष्यद्वाणी करेंगी…(योएल 2:28) परमेश्वर ने हमें भविष्य निश्चय वाणी का वरदान दिया है। यद्यपि इसके कुछ पहलू भविष्यवक्ता के द्वारा कार्य करते हैं, परन्तु प्रत्येक विश्वासीयों को परमेश्वर के वचन को हियाब से बोलने और अपने जीवनों पर उसके वायदों को घोषित […]
विश्लेषण करें और उसकी इच्छा के अनुसार खुद को संरेखित करें!

छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा और सब से दुर्बल एक सामर्थी जाति बन जाएगा। मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा। (यशायाह 60:22) हम एक बार फिर ऐसे समय में हैं जब हम पीछे मुड़कर प्रभु की विश्वसनीयता और भलाई के लिए उसका धन्यवाद कर सकते हैं। […]
महानता धन्यवाद के द्वारा पायी जाती है

और पिता का धन्यवाद करो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि हम ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में सहभागी हों। (कुलुस्सियों 1:12) धन्यवाद देना आशीष का प्रवेश द्वार है, और परमेश्वर की संतान होने के नाते, आपके लिए अपने जीवन के हर कदम पर आभारी होना अनिवार्य है। कृतज्ञ हृदय के बिना […]