प्रभु यीशु आपकी हर आवश्यकता से बढ़कर है

क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे(कुलुस्सियों 1:19)। प्रभु यीशु आपके लिए पर्याप्त से भी बढ़कर है—आपकी हर आवश्यकता से कही अधिक। आपका अतीत, आपकी गलतियाँ या आपकी वर्तमान परिस्थितियाँ उसे सीमित नही करती। आपकी आवश्यकताएँ उसे परिभाषित नहीं करतीं; उसकी संपूर्णता आपके जीवन को परिभाषित करती है। […]
प्रभु यीशु – एकमात्र जिस पर आप भरोसा और निर्भर कर सकते है

इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिस ने अपना घर चट्टान पर बनाया (मत्ती 7:24)। प्रभु यीशु ही वह एकमात्र है जिस पर आप पूरी तरह भरोसा और निर्भर कर सकते है। वह केवल एक शिक्षक या मार्गदर्शक नही है—वह देह में प्रकट हुआ […]
आप परमेश्वर की भविष्यवाणी की अभिव्यक्ति हैं

आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्तु मेरी बातें कभी न टलेंगी। (मत्ती 24:35) क्या आपने कभी महसूस किया है कि आपका जीवन रैंडम नहीं है? आप पृथ्वी पर परमेश्वर की भविष्यवाणी की योजना की अभिव्यक्ति हैं। आपके अस्तित्व में उद्देश्य है, और आपका जीवन उस बात को प्रकट करने के लिए है जो परमेश्वर पहले […]
आपका उद्धार सबसे ज़्यादा मायने रखता है
सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ। (फिलिप्पियों 2:12) उन बातों में से एक जिसे आपको सबसे कीमती […]
आपकी धारणा और उद्धार
पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं भी अपने स्वर्गीय पिता के साम्हने इन्कार करूंगा। (मत्ती 10:33) ऊपर दिए गए वचन में, प्रभु यीशु ने बताया कि उसके प्रति हमारी धारणा स्वर्ग में हमारे स्थान को निर्धारित करती है। उसने कहा, “पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा […]
आशीषित पाम संडे

खजूर की, डालियां लीं, और उस से भेंट करने को निकले, और पुकारने लगे, “कि होशाना! धन्य इस्त्राएल का राजा, जो प्रभु के नाम से आता है!” (यूहन्ना 12:13) पाम संडे वह दिन है जो प्रभु यीशु के यरूशलेम में विजयी प्रवेश को चिन्हित करता है, जहाँ लोगों ने उसका स्वागत खजूर की डालियों से […]

हर दिन आपका है: एक महान दिन कैसे जिएँ आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों (भजन संहिता 118:24)। हर दिन बहुत महत्वपूर्ण है। हर नया दिन कार्य करने, आगे बढ़ने और चमकने के नए अवसर लेकर आता है। यह जानना एक सुंदर सत्य है कि […]
क्रिसमस सभी के लिए है

तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। (लूका 2:10–11) क्रिसमस को अक्सर केवल मसीहियों का एक धार्मिक उत्सव बताया जाता है, […]
वही मत रुकें!

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए। (रोमियों 12:2) विश्वास एक आत्मिक मसल(muscle)है, और सभी मसल(muscle) की तरह, यह तभी बढ़ती है जब इसका इस्तेमाल किया जाता है। क्षमता तब बढ़ती है जब आप ख़ुद को उस स्तर से आगे खिंचते हैं […]
आत्मा से, न कि दृष्टि से!

क्योंकि शरीर के अनुसार चलने वाले शरीर की बातें पर मन लगाते हैं; परन्तु आत्मिक मनुष्य आत्मा की बातें पर मन लगाते हैं। (रोमियों 8:5) जीवन आत्मिक है। जो लोग आत्मा के द्वारा जीते हैं वे चिंता, डर और ज्यादा सोचने से ख़ुद को ऊपर उठा लेते हैं। सांसारिक मन हमेशा यह जानने की कोशिश […]