विवेचन क्षमता के लिए प्रार्थना करें

पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं। (इब्रानियों 5:14) आत्मिक परिपक्वता का एक स्पष्ट चिन्ह है विवेचन क्षमता—यह पहचानने और भेद करने की क्षमता कि क्या वास्तव में परमेश्वर की ओर से है और क्या नहीं। जैसे-जैसे आप मसीह […]
प्रार्थना के दिन का पूरा लाभ उठाएँ

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। (इब्रानियों 4:16) हर महीने हमारी मिनिस्ट्री में एक विशेष प्रार्थना का दिन होता है, जब हम केवल प्रार्थना करने के लिए एक साथ एकत्रित होते हैं। आज हमारी […]
शत्रु के विरुद्ध परमेश्वर आपके साथ है

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा (रोमियों 5:8)। शैतान की एक सामान्य रणनीति यह है कि वह आपके विश्वास पर हमला करता है और आपको आपके पिछले गलतियों की याद दिलाता है। वह आपको यह विश्वास […]
अपना समय को शत्रु को मत दें

हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं (भजन संहिता 90:12)। हर एक विश्वास करने वाले को एक महत्वपूर्ण अनुशासन विकसित करना चाहिए—और वह है समय का बुद्धिमानी से प्रबंधन करना। समय की अद्भुत बात यह है कि हर किसी को समान मात्रा में समय मिलता है—न किसी के पास […]
शैतान के तर्कों का परमेश्वर के वचन से सामना करें

यीशु ने उस से कहा; यह भी लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न कर(मत्ती 4:7)। प्रभु यीशु का जीवन हमें स्पष्ट रूप से दिखाता है कि शैतान का सामना कैसे किया जाना चाहिए। जब जंगल में शैतान ने उसकी परीक्षा ली, तो उसने उसे ऐसे काम करने के लिए उकसाने की […]
आपके लिए कोई रुकावट नहीं!

क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं (2 कुरिन्थियों 10:4)। परमेश्वर ने आपको मसीह यीशु में एक महिमामय जीवन दिया है। आप केवल वह नहीं हैं जिसने उसमे विश्वास करने का निर्णय लिया है—आप उसकी आत्मा से जन्मे हैं। अब आप जो जीवन […]
पहचानें और डाँटे

कि शैतान का हम पर दांव न चले, क्योंकि हम उस की युक्तियों से अनजान नहीं (2 कुरिन्थियों 2:11)। शैतान जिस तरीकों से विनाश लाने की कोशिश करता है, उनमें से एक तरीका यह है कि वह ऐसे विचार और सोच लाता है जो आपको ऐसा लगता है मानो वे आपके अपने ही हों। बहुत […]
दुश्मन से निपटें

इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा (याकूब 4:7)। हम ऐसे संसार में रहते हैं जहाँ आत्मिक वास्तविकताएँ लगातार कार्य करती रहती हैं। जहाँ परमेश्वर ने अपने लोगों की सहायता करने के लिए अपने स्वर्गदूतों को नियुक्त किया है, वहीं ऐसी दुष्ट आत्मिक शक्तियाँ […]
परमेश्वर की सुंदरता देखें

और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं। (यशायाह 61:3) कभी-कभी परिस्थितियाँ हमें यह विश्वास दिलाने की कोशिश करती हैं कि परमेश्वर दूर हैं या अनुपस्थित हैं। जब चुनौतियाँ सामने आती हैं, तो लोग उसकी उपस्थिति पर प्रश्न करने लगते हैं। लेकिन परमेश्वर आपके जीवन […]
फोकस का अनुशासन

व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए … क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे। (यहोशू 1:8) फोकस संयोग से नहीं होता—यह एक अनुशासन है। परमेश्वर ने यहोशू से कहा कि जब वह वचन के प्रति प्रतिबद्ध बना रहेगा, तब समृद्धि आएगी। वचन के प्रति प्रतिबद्धता के लिए […]