प्रभु यीशु – सत्य

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं (यूहन्ना 14:6)। हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जो आवाज़ों, राय और सूक्ष्म छलावों से भरी हुई है। शत्रु अक्सर भ्रम, भावनाओं और परिस्थितियों के द्वारा वास्तविकता को बिगाड़ने का प्रयास करता है। लेकिन इन सबके बीच यीशु सत्य के रूप […]
प्रभु यीशु – आपका वकील, आपका न्यायी

हे मेरे बालकों, मैं ये बातें तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम पाप न करो; और यदि कोई पाप करे, तो पिता के पास हमारा एक सहायक है, अर्थात सत्यनिष्ठ यीशु मसीह (1 यूहन्ना 2:1)। प्रभु यीशु केवल आपका प्रभु ही नही है—वह आपके लिए खड़ा होता है। वह आपका वकील है, आपका प्रतिनिधित्व करता […]
आप परमेश्वर की भविष्यवाणी की अभिव्यक्ति हैं

आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्तु मेरी बातें कभी न टलेंगी। (मत्ती 24:35) क्या आपने कभी महसूस किया है कि आपका जीवन रैंडम नहीं है? आप पृथ्वी पर परमेश्वर की भविष्यवाणी की योजना की अभिव्यक्ति हैं। आपके अस्तित्व में उद्देश्य है, और आपका जीवन उस बात को प्रकट करने के लिए है जो परमेश्वर पहले […]
आपका उद्धार सबसे ज़्यादा मायने रखता है
सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ। (फिलिप्पियों 2:12) उन बातों में से एक जिसे आपको सबसे कीमती […]
आपकी धारणा और उद्धार
पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं भी अपने स्वर्गीय पिता के साम्हने इन्कार करूंगा। (मत्ती 10:33) ऊपर दिए गए वचन में, प्रभु यीशु ने बताया कि उसके प्रति हमारी धारणा स्वर्ग में हमारे स्थान को निर्धारित करती है। उसने कहा, “पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा […]
आशीषित पाम संडे

खजूर की, डालियां लीं, और उस से भेंट करने को निकले, और पुकारने लगे, “कि होशाना! धन्य इस्त्राएल का राजा, जो प्रभु के नाम से आता है!” (यूहन्ना 12:13) पाम संडे वह दिन है जो प्रभु यीशु के यरूशलेम में विजयी प्रवेश को चिन्हित करता है, जहाँ लोगों ने उसका स्वागत खजूर की डालियों से […]
संघर्ष करने से इंकार करें

क्योंकि जिस ने उसके विश्राम में प्रवेश किया है, उस ने भी परमेश्वर की नाईं अपने कामों को पूरा करके विश्राम किया है (इब्रानियों 4:10)। परमेश्वर की संतान होने के नाते, आप आशीषित है, और परमेश्वर की आत्मा आपके भीतर वास करती है। आपको तनाव, दबाव और संघर्ष से भरा जीवन जीने के लिए नहीं […]
प्रार्थना एक पवित्र कम्युनिकेशन है

और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उस से मांगा, वह पाया है (1 यूहन्ना 5:15)। प्रार्थना आपके और आपके स्वर्गीय पिता के बीच एक पवित्र कम्युनिकेशन है। प्रार्थना के बारे में सबसे सुंदर सत्य में से […]
विवेचन क्षमता के लिए प्रार्थना करें

पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं। (इब्रानियों 5:14) आत्मिक परिपक्वता का एक स्पष्ट चिन्ह है विवेचन क्षमता—यह पहचानने और भेद करने की क्षमता कि क्या वास्तव में परमेश्वर की ओर से है और क्या नहीं। जैसे-जैसे आप मसीह […]
प्रार्थना के दिन का पूरा लाभ उठाएँ

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। (इब्रानियों 4:16) हर महीने हमारी मिनिस्ट्री में एक विशेष प्रार्थना का दिन होता है, जब हम केवल प्रार्थना करने के लिए एक साथ एकत्रित होते हैं। आज हमारी […]